भारत में सोने और चांदी की कीमतों ने मंगलवार, 2 सितंबर 2025 को नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया। वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों और ट्रंप की टैरिफ नीतियों पर चल रही बहस के बीच लोग सुरक्षित निवेश के लिए सोने-चांदी की ओर रुख कर रहे हैं। मुंबई में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,05,890 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 97,060 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। वहीं, चांदी की कीमत 1,26,100 रुपये प्रति किलोग्राम रही।
मेहता इक्विटीज के उपाध्यक्ष राहुल कालंत्री ने बताया कि सोने और चांदी की कीमतों में यह उछाल मुख्य रूप से वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में संभावित कटौती की अटकलों के कारण है। “कमजोर अमेरिकी डॉलर, नियंत्रित मुद्रास्फीति और निवेशकों का सुरक्षित संपत्तियों की ओर बढ़ता रुझान सोने-चांदी को और आकर्षक बना रहा है,” उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ नीतियों पर कानूनी विवाद और फेडरल रिजर्व की स्वायत्तता पर चर्चा ने भी निवेशकों का ध्यान सोने-चांदी की ओर खींचा है।
MCX एक्सचेंज पर 3 अक्टूबर 2025 को समाप्त होने वाले गोल्ड फ्यूचर्स 0.30% की बढ़त के साथ 1,05,240 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहे थे। वहीं, 5 दिसंबर 2025 को समाप्त होने वाले सिल्वर फ्यूचर्स 0.43% की बढ़त के साथ 1,24,845 रुपये प्रति किलोग्राम पर थे।
2 सितंबर को भारत के प्रमुख शहरों में 22 और 24 कैरेट सोने की कीमतें
| शहर | 22 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) | 24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 97,400 रुपये | 1,06,240 रुपये |
| जयपुर | 97,400 रुपये | 1,06,240 रुपये |
| अहमदाबाद | 97,300 रुपये | 1,06,140 रुपये |
| पटना | 97,300 रुपये | 1,06,140 रुपये |
| मुंबई | 97,060 रुपये | 1,05,890 रुपये |
| हैदराबाद | 97,060 रुपये | 1,05,890 रुपये |
| चेन्नई | 97,060 रुपये | 1,05,890 रुपये |
| बेंगलुरु | 97,060 रुपये | 1,05,890 रुपये |
| कोलकाता | 97,060 रुपये | 1,05,890 रुपये |
भारत में सोने की कीमतों को क्या प्रभावित करता है?
भारत में सोने की कीमतें वैश्विक बाजार दरों, आयात शुल्क, करों और विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव से प्रभावित होती हैं। ये कारक मिलकर देश भर में दैनिक सोने की कीमतें निर्धारित करते हैं।
भारत में सोना सिर्फ निवेश का साधन नहीं, बल्कि संस्कृति और परंपरा का भी अभिन्न हिस्सा है। शादियों और त्योहारों जैसे दीवाली और अक्षय तृतीया में सोने की खरीदारी को शुभ माना जाता है। कई परिवार इसे पीढ़ियों तक सुरक्षित रखते हैं, जैसे कि एक माँ अपनी बेटी को अपनी शादी का हार देती है, जो भावनाओं और विश्वास का प्रतीक बन जाता है।
बाजार की लगातार बदलती परिस्थितियों के बीच, निवेशक और खरीदार कीमतों पर बारीकी से नजर रखते हैं। सही समय पर खरीदारी या बिक्री के लिए नवीनतम रुझानों से अपडेट रहना जरूरी है।
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