हाईवे इंफ्रा ने मारी बाजार में जोरदार एंट्री
12 अगस्त 2025 को शेयर बाजार में हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर ने धमाकेदार शुरुआत की। इस कंपनी का IPO बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 117 रुपये प्रति शेयर के साथ लिस्ट हुआ, जो इसके 70 रुपये के इश्यू प्राइस से 67% अधिक है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर भी यह शेयर 115 रुपये पर खुला, जो 64% प्रीमियम दर्शाता है। लिस्टिंग के तुरंत बाद शेयर में 5% का अपर सर्किट लगा, और यह 122.84 रुपये तक पहुंच गया। यह उन निवेशकों के लिए सुनहरा मौका साबित हुआ, जिन्होंने इस IPO में दांव लगाया था।
निवेशकों की बल्ले-बल्ले, मिला तगड़ा मुनाफा
हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर का IPO 5 अगस्त से 7 अगस्त 2025 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस दौरान निवेशकों ने इसे हाथों-हाथ लिया। शुरुआत में इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) कम था, लेकिन लिस्टिंग से पहले यह 34% तक पहुंच गया था, जो 94 रुपये प्रति शेयर के आसपास था। लिस्टिंग के दिन निवेशकों को उम्मीद से कहीं ज्यादा फायदा हुआ। BSE पर 117 रुपये और NSE पर 115 रुपये की ओपनिंग ने साबित कर दिया कि यह IPO 2025 का सबसे शानदार डेब्यू है।
300 गुना सब्सक्रिप्शन का रिकॉर्ड
हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर के 130 करोड़ रुपये के इस IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। यह 316 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ, जो 2025 का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। इसमें 97.52 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर और 32.48 करोड़ रुपये के ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल थे। रिटेल निवेशकों ने 164.48 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) ने 473.10 गुना, और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने 432.71 गुना सब्सक्रिप्शन किया। कंपनी ने लिस्टिंग से पहले एंकर निवेशकों से 23.40 करोड़ रुपये जुटाए थे, जिसने इसकी लोकप्रियता को और बढ़ाया।
लिस्टिंग के बाद अपर सर्किट की चमक
IPO की लिस्टिंग ने न केवल निवेशकों को तगड़ा रिटर्न दिया, बल्कि शेयर के 5% अपर सर्किट तक पहुंचने से उत्साह और बढ़ गया। लिस्टिंग के बाद शेयर 122.84 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जो निवेशकों के लिए डबल मुनाफे का संकेत है। 1995 में स्थापित यह कंपनी टोल कलेक्शन, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC), और रियल एस्टेट डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में काम करती है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में इसकी तकनीकी विशेषज्ञता इसे खास बनाती है।
निवेशकों को कितना हुआ फायदा?
आइए, हिसाब लगाते हैं कि जिन निवेशकों ने इस IPO में पैसा लगाया, उन्हें कितना मुनाफा हुआ। कंपनी ने एक लॉट में 211 शेयर तय किए थे। अगर किसी निवेशक ने एक लॉट के लिए 70 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 14,770 रुपये लगाए, तो BSE पर 117 रुपये की लिस्टिंग के बाद उनकी रकम 24,687 रुपये हो गई। अपर सर्किट के बाद 122.84 रुपये के भाव पर यह राशि बढ़कर 25,919 रुपये हो गई। यानी, एक लॉट पर निवेशक को 11,149 रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ। यह उन छोटे निवेशकों के लिए भी बड़ी जीत है, जो शेयर बाजार में नए हैं।
नोट: शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है। IPO में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
आपको हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर IPO की यह धमाकेदार लिस्टिंग कैसी लगी? क्या आपने इसमें निवेश किया? हमें कमेंट में बताएं!





