भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने छोटे निवेशकों के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है, जिससे अब आप अपने पैसे को सुरक्षित और स्मार्ट तरीके से बढ़ा सकते हैं। RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने हाल ही में हुई मौद्रिक नीति बैठक में ऐलान किया कि अब रिटेल डायरेक्ट प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रेजरी बिल्स (T-Bills) में सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) शुरू किया जाएगा। यह खबर उन लोगों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है, जो कम जोखिम के साथ स्थिर रिटर्न चाहते हैं।
यह सुविधा म्यूचुअल फंड की SIP की तरह काम करेगी, जिसका मकसद आम निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना है। T-Bills भारत सरकार द्वारा जारी किए जाते हैं, इसलिए इन्हें पूरी तरह जोखिम-मुक्त माना जाता है। साथ ही, इनमें लिक्विडिटी की भी कोई कमी नहीं है, जो इसे हर उम्र के निवेशकों के लिए आकर्षक बनाता है। वित्तीय विशेषज्ञों ने इस कदम को सराहा है और इसे घरेलू बॉन्ड मार्केट को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। चाहे आप नौकरीपेशा हों या छोटा-मोटा बिजनेस करते हों, यह योजना आपके लिए बचत को और स्मार्ट बनाने का मौका देती है।
रिटेल डायरेक्ट प्लेटफॉर्म क्या है?
RBI ने नवंबर 2021 में रिटेल डायरेक्ट स्कीम शुरू की थी, जिसके तहत निवेशक बिना किसी बिचौलिए के सीधे सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश कर सकते हैं। इस प्लेटफॉर्म के जरिए आप RBI के साथ गिल्ट खाता खोल सकते हैं और प्राथमिक नीलामी में हिस्सा लेकर या द्वितीयक बाजार में ट्रेडिंग करके T-Bills, सरकारी बांड्स, या सॉवरेन गोल्ड बांड्स में निवेश कर सकते हैं।
मई 2024 में लॉन्च हुए रिटेल डायरेक्ट मोबाइल ऐप ने इस प्रक्रिया को और आसान कर दिया। अब आप अपने स्मार्टफोन से कुछ ही क्लिक में निवेश शुरू कर सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म मुफ्त है और इसमें कोई रखरखाव शुल्क भी नहीं लगता, जो इसे और भी आकर्षक बनाता है।
ट्रेजरी बिल्स (T-Bills) क्या हैं?
T-Bills भारत सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले अल्पकालिक निवेश विकल्प हैं, जो सरकार की तात्कालिक वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए होते हैं। ये निम्नलिखित अवधियों में उपलब्ध हैं:
- 14 दिन
- 91 दिन
- 182 दिन
- 364 दिन
T-Bills में ब्याज का भुगतान नहीं होता। इसके बजाय, इन्हें उनके अंकित मूल्य से कम कीमत पर खरीदा जाता है और परिपक्वता (मैच्योरिटी) पर पूरा मूल्य मिलता है। उदाहरण के लिए, मान लीजिए आप 100 रुपये के अंकित मूल्य वाला T-Bill 98 रुपये में खरीदते हैं। 91 दिन बाद आपको 100 रुपये मिलेंगे, यानी 2 रुपये का मुनाफा। न्यूनतम निवेश 10,000 रुपये से शुरू होता है, और आप इससे ज्यादा राशि के गुणकों में निवेश कर सकते हैं।
T-Bills में SIP कैसे शुरू करें?
RBI ने रिटेल डायरेक्ट प्लेटफॉर्म पर एक ऑटो-बिडिंग सुविधा शुरू की है, जिसके तहत निवेशक T-Bills में नियमित अंतराल (साप्ताहिक, मासिक) पर स्वचालित निवेश सेट कर सकते हैं। इस सुविधा से आपको हर बार नीलामी में मैन्युअल बोली लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप अपने निवेश के नियम तय कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर इन्हें बदल या रद्द भी कर सकते हैं।
उदाहरण के तौर पर, अगर आप हर महीने 10,000 रुपये निवेश करना चाहते हैं, तो आप SIP सेट कर सकते हैं, और यह राशि अगली नीलामी में अपने आप निवेश हो जाएगी। यह न केवल समय बचाता है, बल्कि आपको नियमित बचत की आदत भी डालता है।
निवेशकों को क्या फायदा?
T-Bills में SIP शुरू करने की सुविधा छोटे निवेशकों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। यह म्यूचुअल फंड की तरह अनुशासित निवेश को बढ़ावा देता है। चूंकि T-Bills सरकार द्वारा समर्थित हैं, इसलिए आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है। बचत खातों के 2-3% ब्याज की तुलना में T-Bills 6-7% तक का रिटर्न दे सकते हैं, जो बाजार की स्थिति और अवधि पर निर्भर करता है। यह उन लोगों के लिए शानदार विकल्प है, जो कम समय के लिए पैसा निवेश करना चाहते हैं, जैसे कि छुट्टियों या गाड़ी खरीदने की प्लानिंग करने वाले।
रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं
इस घोषणा के साथ ही RBI ने रेपो रेट को 5.5% पर स्थिर रखा है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर RBI की नजर है और वह जरूरत पड़ने पर कदम उठाएगा।
आप इस नए निवेश विकल्प के बारे में क्या सोचते हैं? क्या आप T-Bills में SIP शुरू करना चाहेंगे? हमें कमेंट में बताएं!





