सक्तवसुली संचालनालय (ईडी) की कार्रवाइयों को लेकर भारत में हमेशा से बहस छिड़ी रहती है। विपक्षी नेता अक्सर आरोप लगाते हैं कि ईडी की कार्रवाइयों में राजनैतिक बदले की बू आती है। लेकिन इस बार सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को ऐसा सबक सिखाया कि हर कोई हैरान है! मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की कार्यशैली पर तीखी टिप्पणी की और साफ कहा कि वह बदमाशों की तरह व्यवहार नहीं कर सकती।
सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की खंडपीठ, जिसमें जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्ज्वल भुयान और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह शामिल थे, ने ईडी को कायदे-कानून की सीमा में रहकर काम करने की हिदायत दी। यह सुनवाई जुलाई 2022 के एक फैसले की पुनर्विचार याचिका पर हो रही थी, जिसमें PMLA के तहत ईडी को गिरफ्तारी, जांच और संपत्ति जब्त करने जैसे अधिकार दिए गए थे। कोर्ट ने साफ कहा कि ईडी को अपनी शक्ति का दुरुपयोग करने की इजाजत नहीं है।
ईडी की छवि पर सवाल
जस्टिस उज्ज्वल भुयान ने ईडी के कमजोर प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति 5-6 साल तक जेल में रहता है और बाद में बरी हो जाता है, तो उसकी जिंदगी का नुकसान कौन भरेगा? कोर्ट ने ईडी के रिकॉर्ड पर भी तंज कसा, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में सजा का दर 10% से भी कम है। जजों ने कहा कि ईडी को अपनी जांच और गवाहों की गुणवत्ता सुधारनी होगी। यह सुनवाई विजय मदनलाल चौधरी केस से जुड़ी पुनर्विचार याचिका पर हो रही थी, जिसमें PMLA के कई प्रावधानों को चुनौती दी गई थी।
कानून का पालन करो, बदमाशी नहीं!
सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने दलील दी कि ईडी को अपनी जांच की जानकारी (ECIR) आरोपी के साथ साझा करने की जरूरत नहीं है। इस पर जस्टिस भुयान ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “आप बदमाशों की तरह काम नहीं कर सकते। आपको कानून की सीमा में रहना होगा।” उन्होंने बताया कि ईडी ने करीब 5000 ECIR दर्ज किए, लेकिन सजा का प्रतिशत बेहद कम है। कोर्ट ने यह भी चिंता जताई कि लंबे समय तक हिरासत में रखने के बाद अगर आरोपी निर्दोष निकलता है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?
2022 में PMLA के प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थीं। लेकिन कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम समेत कई लोगों ने इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की थी। कोर्ट का यह रुख न केवल ईडी के लिए बल्कि देश की न्यायिक प्रणाली और आम लोगों के लिए भी एक बड़ा संदेश है।
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